Best Indian Cheese Brands 2026: भारत को अक्सर ‘दूध की नदियों’ का देश कहा जाता है, लेकिन अब दुनिया हमारी ‘आर्टिसनल चीज’ (Artisanal Cheese) की भी दीवानी हो गई है. हाल ही में ब्राजील में आयोजित प्रतिष्ठित ‘मुंदियाल दो केइजो दो ब्राजील 2026(Mundial do Queijo do Brasil 2026)’ प्रतियोगिता में भारतीय चीज निर्माताओं ने वह कर दिखाया जो पहले कभी नहीं हुआ. पहली बार इस वैश्विक प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए भारत ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि 1 सुपर गोल्ड, 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीतकर दुनिया भर के चीज विशेषज्ञों को हैरान कर दिया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए डेयरी क्षेत्र के इन ‘चैंपियंस’ को बधाई दी है.
प्रधानमंत्री ने एक्स (ट्विटर) पर बधाई देते हुए लिखा कि भारतीय डेयरी क्षेत्र की यह सफलता ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की बढ़ती ताकत का प्रमाण है. उन्होंने विशेष रूप से लद्दाख की याक छुर्पी और मुंबई के आर्टिसनल चीज मेकर्स की तारीफ की, जिन्होंने पारंपरिक भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर पहुँचाया है.
किसने रचा इतिहास:
ब्राजील में भारतीय स्वाद का जादू बिखेरने वाली टीम का नेतृत्व मौसमी नारंग (Eleftheria Cheese) और थेनले नुरबू (Nordic Farm, लद्दाख) ने किया.
सुपर गोल्ड (Super Gold): यह सर्वोच्च सम्मान ‘Eleftheria Gulmarg’ (ब्री स्टाइल चीज) को मिला.
गोल्ड (Gold): लद्दाख की ‘Yak Churpi-Soft’ (नॉर्डिक फार्म) और ‘Eleftheria Brunost’ (व्हे चीज) ने गोल्ड पदक जीते.
सिल्वर (Silver): ‘Eleftheria Kaali Miri’ (बेलपर नोल स्टाइल) ने कास्य अपने नाम किया.
क्या है ‘गुलमर्ग ब्री’ की खासियत?
-सुपर गोल्ड मेडल जीतने वाला ‘गुलमर्ग’ चीज एक ‘ब्री स्टाइल’ (Brie-style) चीज है. यह पूरी तरह से गाय के दूध से बनाया जाता है और इसकी बनावट मक्खन की तरह मुलायम और क्रीमी होती है.
-इसे ‘गुलमर्ग’ नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह कश्मीर की बर्फीली वादियों की तरह सफेद और शुद्ध दिखता है.
-इसकी बाहरी परत (Rind) पर सफेद मोल्ड की एक पतली कोटिंग होती है, जो इसे एक मिट्टी जैसा (Earthy) और नट्स जैसा स्वाद प्रदान करती है.
-यह चीज अब दुनिया के सबसे बेहतरीन ‘ब्री’ चीज की लिस्ट में शामिल हो गया है.
लद्दाख की ‘याक छुर्पी’ ने रचा दिया इतिहास:
-लद्दाख के नॉर्डिक फार्म से आई ‘याक छुर्पी’ (Yak Churpi) ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.
-छुर्पी सदियों से हिमालयी क्षेत्रों का मुख्य भोजन रही है, लेकिन गोल्ड मेडल जीतने वाली यह छुर्पी ‘सॉफ्ट’ वर्जन है.
-याक के गाढ़े और पौष्टिक दूध से बनी यह चीज अपने विशिष्ट स्वाद और उच्च प्रोटीन के लिए जानी जाती है.
-वैश्विक मंच पर इसे गोल्ड मिलना इस बात का प्रमाण है कि भारत के पास ऐसे ‘सुपरफूड’ हैं जो दुनिया के लिए नए और बेहद फायदेमंद हैं.
डेयरी सेक्टर के लिए नए युग की शुरुआत
यह सफलता भारत के ‘आर्टिसनल डेयरी सेक्टर’ के लिए एक मील का पत्थर है. अब तक भारतीय चीज को वैश्विक मंच पर वह पहचान नहीं मिल पाई थी, जो यूरोप के देशों को मिलती है. लेकिन अब, लद्दाख से लेकर मुंबई तक के इन युवा कारीगरों ने साबित कर दिया है कि भारत केवल दूध उत्पादन में ही नंबर-1 नहीं है, बल्कि ‘चीज’ बनाने की कला में भी विश्व विजेता है. यह सफलता लद्दाख के उन पशुपालकों के लिए भी बड़ी उम्मीद है जो याक के दूध पर निर्भर हैं.
भारतीय चीज की यह अंतरराष्ट्रीय जीत हमारे डेयरी सेक्टर के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी. अब वह दिन दूर नहीं जब दुनिया भर के डाइनिंग टेबल्स पर फ्रांस के ब्री या इटली के परमेसन के साथ भारत की ‘गुलमर्ग ब्री’ और ‘याक छुर्पी’ भी शान से परोसी जाएगी.