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मुजफ्फरपुर के धर्मशाला चौक पर स्थित भोला जी चाय दुकान तीन पीढ़ियों से मशहूर है. यहां की चाय का स्वाद आज भी बरकरार है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यहां चाय की चुस्की ले चुके हैं. आपातकाल के दौरान यह दुकान राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी. आज भी यहां ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है.
मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर शहर में चाय की दुकानों की कमी नहीं है, लेकिन कुछ ठिकाने सिर्फ चाय के स्वाद से नहीं, बल्कि अपने इतिहास और पहचान से मशहूर हो जाते हैं. धर्मशाला चौक स्थित भोला जी चाय दुकान भी ऐसी ही एक जगह है. जहां पिछले तीन पीढ़ियों से चाय की खुशबू के साथ राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का दौर चलता आ रहा है. यही वजह है कि आज भी यहां नेताओं, छात्रों, वकीलों, व्याप.रियों और आम लोगों की रोजाना भीड़ लगी रहती है.
3 पीढ़ियों से वही स्वाद बरकरार
दुकान संचालक संतोष कुमार बताते हैं कि इस चाय दुकान की शुरुआत उनके दादाजी ने धर्मशाला चौक पर की थी. उनके बाद उनके पिता ने इस विरासत को संभाला और अब वह खुद इस दुकान को चला रहे हैं. यानी यह चाय दुकान लगातार तीन पीढ़ियों से लोगों की सेवा कर रही है.
सुबह से शाम तक ग्राहकों का जमावड़ा
संतोष के मुताबिक सुबह से लेकर देर शाम तक यहां अलग-अलग वर्ग के लोग चाय की चुस्की लेने पहुंचते हैं. खासकर शाम के समय दुकान पर राजनीतिक चर्चाओं का माहौल देखने को मिलता है. शहर के कई राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र नेता यहां बैठकर समसामयिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं.
इस दुकान का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है. संतोष बताते हैं कि देश में आपातकाल (इमरजेंसी) के दौर में यह चाय दुकान मुजफ्फरपुर में आंदोलन से जुड़े लोगों का प्रमुख ठिकाना हुआ करती थी. उस समय कई महत्वपूर्ण बैठकों और रणनीतियों पर यहीं चर्चा होती थी. आज भी छात्रसंघ चुनाव हो या किसी छात्र आंदोलन की तैयारी, विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता यहां पहुंचकर विचार-विमर्श करते हैं.
पूर्व CM नीतीश कुमार भी ले चुके हैं चुस्की
भोला जी चाय दुकान की पहचान केवल स्थानीय लोगों तक ही सीमित नहीं रही. संतोष बताते हैं कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यहां आकर चाय की चुस्की ले चुके हैं. यही कारण है कि यह दुकान शहर की राजनीतिक संस्कृति का एक अहम हिस्सा मानी जाती है.
दिलचस्प बात यह है कि बाहर से देखने पर यह दुकान एक साधारण और पुरानी झोपड़ीनुमा चाय दुकान नजर आती है, लेकिन इसकी विरासत और लोकप्रियता इसे खास बनाती है. बदलते दौर में जहां आधुनिक कैफे और कॉफी हाउस तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं भोला जी चाय दुकान आज भी अपनी सादगी, स्वाद और ऐतिहासिक पहचान के दम पर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.