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बुंदेलखंड अपनी संस्कृति, खानपान और परंपराओं के लिए पहचाना जाता है ऐसे ही गर्मी के मौसम में खाए जाने वाली लबदो  (सूखे हुए बेर के फलों से बनी डिश) के लिए लोग आज भी उतने ही दीवाने होते हैं जितने भी वर्षों पहले हुआ करते थे. हालांकि पेड़ों की कटाई की वजह से इनके फलों का मिलना मुश्किल होता जा रहा है.

बुंदेलखंड अपनी संस्कृति, खानपान और परंपराओं के लिए पहचाना जाता है ऐसे ही गर्मी के मौसम में खाए जाने वाली लबदो  (सूखे हुए बेर के फलों से बनी डिश) के लिए लोग आज भी उतने ही दीवाने होते हैं जितने भी वर्षों पहले हुआ करते थे. हालांकि पेड़ों की कटाई की वजह से इनके फलों का मिलना मुश्किल होता जा रहा है. जिससे यह बुंदेलखंडी सुपरफास्ट फूड विलुप्ति की कगार पर आता जा रहा है. आज के युवा जहां चाइनीस और साउथ इंडियन फास्ट फूड की तरफ कन्वर्ट हो रहे हैं तो दूसरी तरफ इस फास्ट फूड को जानने वाले लोग इस बाजार में मिलने पर गलती से भी नहीं छोड़ते हैं.

कई लोग आज भी इसको अपने घरों में तैयार करके बड़े ही चाव के साथ खाते हैं. यू कहीं की हमारे माता-पिता या दादा दादी की उम्र के लोग गर्मी के मौसम में हर दूसरे चौथे रोज इसे बनाकर खाना पसंद करते हैं. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्थ के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होती है एक तो गर्मियों के मौसम में लू की चपेट में आने से बचाती है, यह हमारी इम्यूनिटी को स्ट्रांग करती है इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है. फाइबर भी अच्छा होता है. जिससे डाइजेशन में मदद मिलती है.

सूखे हुए बेर के फलों से बनी डिश
जनवरी-फरवरी के मौसम में बेर के फल पककर तैयार होते हैं. यह खुद टूट कर जमीन पर गिरने लगते हैं इन्हीं जमीन पर गिरने वाले फलों को बुंदेलखंड के लोग एकत्रित कर लेते हैं और फिर धूप में सूखने के लिए डाल देते हैं जब इनमें से नमी खत्म हो जाती है तो इन्हें घर के अंदर रख लेते हैं गर्मी का सीजन शुरू होते ही ऐसे दो-तीन तरह से खाने में उपयोग करते हैं. इन्हीं में से एक इनको उबालकर शानदार डिश तैयार की जाती है. जिसको बुंदेलखंड में लब्दो के नाम से जाना जाता है.अगर इसको बनाने की प्रक्रिया को समझें तो इसमें हमें सबसे पहले सूखे बेर के साथ गुड़ या शक्कर, काला नमक, सादा नमक, टेस्टी नमक, मिर्च पाउडर, भुना पिसा हुआ जीरा की आवश्यकता होती है.

एक बार खाते ही दीवाने हो जाते है लोग
सागर की 70 वर्षीय बुजुर्ग दादी द्रोपती बाई बताती है कि लब दो बनाने से पहले हमारी पास जो सूखे फल होते हैं. उनको अच्छी तरह से पानी में धोकर साफ कर लेते हैं जब हम ज्यादा पानी में इन फलों को डालते हैं इनमें कुछ फल जो खराब होते हैं वह पानी में ऊपर आ जाते हैं उनको निकाल कर अलग कर देते हैं फिर हम अपने प्रेशर कुकर में आवश्यकता के अनुसार सूखे फलों को पानी के साथ उबालने के लिए डाल देते हैं इसके साथ इसमें गुड़ और सादा नमक डालते हैं. कर धीमी आंच में इनको पकाते रहते हैं. यहां तीन से चार घंटे तक जब अच्छी तरह से उबल जाते हैं तब इनको चूल्हा या गैस से नीचे उतार कर ठंडा होने के लिए रख देते हैं. इसके बाद हम इन फलों को निकाल कर प्लेट में रखते हैं ऊपर से काला नमक मिर्ची पाउडर और जीरा पाउडर को छिड़क देते हैं. इनकी वजह से इसका स्वाद बेहद ही स्वादिष्ट लाजवाब हो जाता है. जो भी एक बार मुंह को लगाता है तो वह इसका दीवाना हो जाता है. इसका खट्टा मीठा स्वाद बार-बार खाने के लिए मजबूर करता है.



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