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Arikanchan Sabji Recipe: अरिकंचन की सब्जी को मिथिलांचल में शाकाहारियों के लिए मछली माना जाता है. इसे बनाने की विधि भी मछली जैसी है. जिन जगहों पर अरिकंचन का पत्ता नहीं मिलता, वहां लोग अरबी के पत्ते का इस्तेमाल करके इसी विधि से सब्जी बनाते हैं.
मधुबनी. अरिकंचन की सब्जी इस मौसम में खाने का मजा ही अलग है. बता दें कि जो लोग सिर्फ यहां रहते हैं, वही नहीं बल्कि देश-विदेश में रहने वाले लोग भी अपने साथ अरिकंचन का पत्ता ले जाते हैं और फिर वहां बनाकर बहुत मजे से खाते हैं. जानते हैं यह सब्जी बनाने की रेसिपी. मिथिलांचल में अरिकंचन की सब्जी को जो नॉनवेज नहीं खाते हैं, यानी कि शाकाहारियों के लिए मछली माना जाता है. क्योंकि इसे बनाने की विधि भी ठीक वही है. आज आपको बिल्कुल देसी विधि बताते हैं, जैसे मिथिला में लोग अरिकंचन बनाते हैं. बता दें कि मछली को पहले मसाले के साथ फ्राई करते हैं, ठीक उसी तरीके से अरिकंचन को भी नींबू और बेसन के साथ तला जाता है.
थोड़ी देर लगाते हैं धूप
देसी स्वाद के लिए अरिकंचन के पत्ते को धोकर थोड़ी देर धूप में सुखाना होता है. फिर पत्तों को फैलाकर इनके ऊपर एक पेस्ट लगाया जाता है जो बेसन, हल्दी और नमक डालकर बनता है. लोग इसमें अपने स्वाद के हिसाब से मसाले डालते हैं. अब पत्तों पर एक-एक करके मसाला लगाते हैं और उन्हें लपेटते हैं जिसका रोल जैसा बन जाता है. इस रोल को मैथिली में लोढ़ा कहते हैं. अब इस रोल को भी एक दिन धूप में सुखाते हैं और फिर छोटे-छोटे टुकडों में काटकर इसे तेल में तला जाता है. कई लोग इसी स्टेज पर इसे स्टोर कर लेते हैं यानी मैथिल लोढ़ा बनाकर देश-विदेश भी ले जाते हैं और वहां सब्जी बनाकर खाते हैं. ये लोढ़ा धूप में सुखाने से लगभग एक सप्ताह-दस दिनों तक खराब नहीं होता है.
रस बनने की पारंपरिक स्टाइल
अरिकंचन के लोढ़े से सब्जी बनाने के लिए अब इसमें कुछ चीजों की जरूरत पड़ती है. जैसे पीली सरसों, प्याज, लहसुन, हरी मिर्च. इन चीजों को पीसकर रख लेना है. इधर अरिकंचन को गोल आकार में काटकर और फिर उसे डीप फ्राई करना है. उसके बाद फिर कढ़ाई में तेल, जीरा, लाल मिर्च और तेज पत्ता चटकने पर उसमें सभी पिसे हुए मसाले, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया और गरम मसाला डालकर अच्छे से पकाना है. बिलकुल वैसे जैसे मछली के लिए मसाला तैयार करते हैं. फिर अपने अनुसार उसमें पानी डालकर रस पकने दें. ग्रेवी तैयार हो जाएगी तो उसमें तला हुआ अरिकंचन डालकर पका लें और लास्ट में खूब सारा नींबू का रस इस्तेमाल करना है.
नींबू का खूब इस्तेमाल
अरिकंचन सब्जी बनाने के लिए नींबू का इस्तेमाल बहुत होता है. जब लोढ़ा बनाते हैं, तब भी, जब उसे फ्राई करते हैं तब भी और जब सब्जी पक जाती है, उस समय भी इसमें नींबू डाला जाता है. चूंकि अरिकंचन कड़वा होता है, इसके कड़वेपन को काटने के लिए नींबू का इस्तेमाल होता है और फिर खट्टा-खट्टा स्वाद आता है. इस विधि से अरिकंचन बना सकते हैं जो चावल के साथ बेहतरीन लगता है. शहरों में जहां अरिकंचन का पत्ता नहीं मिलता वहां लोग अरबी के पत्तों के साथ भी सेम रेसिपी से सब्जी बनाते हैं. कुछ लोग मसाले में भी अपनी पसंद के मुताबिक बदलाव कर देते हैं.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
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