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Bikaner Famous Sharbat: बीकानेर अपनी भुजिया और रसगुल्लों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां की 86 साल पुरानी “चुन्नीलाल शरबत वाले” की दुकान भी लोगों के बीच खास पहचान रखती है. वर्ष 1939-40 में स्वर्गीय चुन्नीलाल तंवर द्वारा शुरू की गई इस दुकान ने स्वाद, गुणवत्ता और परंपरा के दम पर अपनी अलग छवि बनाई है. शुरुआत केवल केवड़ा शरबत से हुई थी, लेकिन आज यहां 20 से अधिक फ्लेवर उपलब्ध हैं. भीषण गर्मी में यह शरबत लोगों को ताजगी और राहत प्रदान करता है, इसलिए सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. वर्तमान में इस कारोबार की चौथी पीढ़ी इसे संभाल रही है. दुकान संचालक विधान सिंह तंवर के अनुसार, शुद्ध कच्चे माल और मिलावट से दूरी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. खास बात यह है कि बिना किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के भी देशभर से फोन पर ऑर्डर आते हैं और शरबत सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है.
दुकान का स्वाद बना दुनिया भर में मशहूर
बीकानेर: बीकानेर का नाम सुनते ही आपके जहन में भुजिया का तीखापन और रसगुल्ले की मिठास आना लाजमी है लेकिन खाने के शौकीन इस शहर में 86 साल पुरानी एक ऐसी दुकान है जो भीषण गर्मी में आपकी रूह को शीतलता प्रदान करने का काम कर ही है. हम बात कर रहे है चुन्नीलाल शर्बत वाले की जहां बनने वाले शर्बत के शहर ही नहीं देश-विदेश के लोगो दीवाने है. देखिए एक साधारण सी दुकान लेकिन शर्बत पीने के लिए लोग दूर दूर से आता है. गर्मियों में यहां सुबह से शाम तक ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ लगी रहती है. पुश्तैनी शरबत की दुकान,जिसने पिछले करीब 86 वर्षों से अपने स्वाद, गुणवत्ता और परंपरा के दम पर अलग पहचान बनाई हुई है.
वर्ष 1939-40 में स्वर्गीय चुन्नीलाल तंवर की ओर से स्थापित इस दुकान की शुरुआत केवल केवड़ा शरबत से हुई थी, लेकिन आज यहां 20 से अधिक फ्लेवर के शरबत उपलब्ध हैं. दुकानदार विधान सिंह तंवर ने बताया कि आज हमारी चौथी पीढ़ी है हमारा शर्बत आज भी अच्छी गुणवत्ता के कच्चे माल का उपयोग और मिलावट से पूरी तरह दूरी ही इस कारोबार की सबसे बड़ी ताकत है. देशभर से फोन पर ऑर्डर आते हैं और वे सीधे ग्राहक के पते पर शरबत भेज देते हैं, लेकिन किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री नहीं करते.
ताजा शरबत पीने इस दुकान पर आते
लोग चाय की दुकान की तरह बैठकर ताजा शरबत पीने इस दुकान पर आते है. वर्षों से यहां आने वाले ग्राहक बताते हैं कि यहां का शरबत पीते ही भीषण गर्मी में ताजगी का एहसास होता है. यही वजह है कि वे कई वर्षों से नियमित रूप से यहां आते हैं. दूसरा इनके शर्बत की गुणवत्ता वैसी की वैसी है और नेचुरल है जिससे यहां का शर्बत शहर में घूमने आने वाले पर्यटक इस दुकान तक जरूर पहुंचते हैं.
शर्बत का ऑरिजनल स्वाद मिल सके
कभी केवड़ा, गुलाब और बेला जैसे शर्बत बनाने वाली इस दुकान ने बदलते समय के साथ युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए कई नए फ्लेवर विकसित किए है जो आज युवाओं को पसंद आ रहे है, लेकिन इन्होने आज भी उसी पारंपरिक स्वाद व गुणवत्ता को बरकरार रखा है, ताकि लोगो को शर्बत का ऑरिजनल स्वाद मिल सके.
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