छत्तीसगढ़ अपनी पारंपरिक खानपान संस्कृति के लिए खास पहचान रखता है और इन्हीं देसी व्यंजनों में इड़हल की सब्जी लोगों की पसंदीदा डिश बन चुकी है. उड़द दाल, दही और कोचई (अरबी) के पत्तों से बनने वाली यह पारंपरिक सब्जी गर्मियों में खास तौर पर खाई जाती है. इसका स्वाद हल्का खट्टा, मसालेदार और बेहद लाजवाब होता है. ग्रामीण इलाकों में इसे पारंपरिक तरीके से बनाकर भात और रोटी के साथ परोसा जाता है. इड़हल बनाने के लिए उड़द दाल को पीसकर मसालों के साथ पेस्ट तैयार किया जाता है. इसे कोचई के पत्तों पर लगाकर रोल बनाया जाता है, फिर स्टीम कर छोटे टुकड़ों में काटकर तला जाता है. इसके बाद दही और उड़द दाल से बनी खास कढ़ी में इन्हें डालकर पकाया जाता है. सरसों, जीरा, लहसुन और सूखी मिर्च का तड़का इसके स्वाद को और बढ़ा देता है.
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