सेकंड वर्ल्ड वॉर (WWII) के बारे में कौन नहीं जानता, एक ऐसा युद्ध जिसने पूरे विश्व को झकझोर दिया और ना जाने कितने लोग इस युद्ध ने छिन लिए. आपने फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और किताबों के जरिए इस युद्ध के बारे में पढ़ा और देखा होगा. लेकिन एक बात कभी आपने सोची है कि विश्वयुद्ध के दौरान जब सैनिक युद्ध लड़ रहे होते हैं, तब वह कैसा खाना खाते हैं और जो खाना खाते थे, क्या वह ताजा होता भी है या नहीं. दरअसल सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान सैनिकों के लिए खाना सिर्फ स्वाद का विषय नहीं था. उन्हें ऐसा भोजन चाहिए होता था, जिसे लंबी दूरी तक आसानी से ले जाया जा सके, खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षित रखा जा सके और जो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा दे. उस दौर में ताजा भोजन हर जगह उपलब्ध नहीं होता था, इसलिए सेनाओं ने ऐसे खाद्य पदार्थ तैयार किए, जिन्हें लंबे समय तक स्टोर किया जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत खाया जा सके.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें 80 साल पुराना फूड कैन मिला है. जब इसे खोला गया तो अंदर से बिस्किट, इंस्टेंट कॉफी, चीनी के क्यूब्स, चॉकलेट और जैम जैसे आइटम निकले. इस वीडियो को देखकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई लोग हैरान हैं कि युद्ध के दौरान सैनिकों को यह खाना दिया जाता था. अमेरिकी सेना ने C-ration, D-ration और हल्की K-ration जैसी विशेष खाद्य व्यवस्थाएं विकसित की थीं. इनमें डिब्बाबंद मांस से लेकर चॉकलेट, बिस्कुट और कॉफी तक शामिल थे.
C-Ration मांस और स्टू
अमेरिकी C-ration सैनिकों के लिए एक तरह का पोर्टेबल भोजन था. अमेरिका के सेकंड वर्ल्ड वॉर में प्रवेश करने से पहले इसको डिजाइन किया गया था, जो हर समय फील्ड रसोई पर निर्भर नहीं रह सकते थे. इसमें मीट और स्पेगेटी, मीट और नूडल्स, पोर्क और बीन्स, चिकन और सब्जियां जैसे विकल्प शामिल होते थे. वहीं कुछ सैनिकों के लिए हैम और लीमा बीन्स रखे जाते थे, लेकिन इस भोजन का सबसे बड़ा फायदा था कि इसे बिना फ्रिज के लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता था. पूरे दिन की C-ration में करीब 3700 कैलोरी तक होती थीं. सैनिकों को यह दिया जाता था, ताकि उनमें एनर्जी बनी रहे और वह अच्छे से युद्ध लड़ सकें.
K-ration के बिस्कुट
K-ration उन सैनिकों के लिए बनाई गई थी, जिन्हें हल्का और आसानी से साथ ले जाने वाला भोजन चाहिए होता था. Ancel Keys ने इसे फ्रंटलाइन और पैराट्रूपर्स सैनिकों के लिए डिजाइन किया गया था. इसे नाश्ते, दोपहर और रात के खाने के पैकेट में बांटा जाता था. इसमें बिस्कुट, प्रोसेस्ड चीज या मांस, पाउडर ड्रिंक, चॉकलेट, च्युइंग गम और कॉफी जैसी चीजें शामिल थीं. तीनों भोजन मिलाकर यह करीब 2830 कैलोरी उपलब्ध कराती थी. बिस्कुट छोटे, टिकाऊ और लंबे समय तक खराब ना होने वाले थे, हालांकि स्वाद को लेकर सैनिकों की राय बहुत उत्साहजनक नहीं थी.
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