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Bhutta Bhaji Recipe: सावन की बारिश के साथ बघेलखंड की रसोई में भुट्टे की भाजी का स्वाद फिर से लौट आया है. ताजे मक्के से बनने वाली यह पारंपरिक रसेदार सब्जी रीवा और सतना के ग्रामीण इलाकों में दोपहर के भोजन की जान मानी जाती है. सरसों के तेल, टमाटर और खास मसालों के साथ धीमी आंच पर पकने वाली इस देसी डिश की पूरी रेसिपी जानिए.
Food Recipe: रिमझिम बारिश के मौसम के साथ ठंडी-ठंडी हवा चल रही हो और सामने थाली में गरमा-गरम भुट्टे की भाजी और चावल परोसे हों तो भाई स्वाद का आनंद दोगुना हो जाता है. जब सावन-भादो में चारों तरफ हरियाली छा जाती है, तब बघेलखंड के रीवा, सतना और सीधी जैसे जिलों की रसोइयों में एक खास खुशबू महकने लगती है. मक्के के दानों से बनने वाली यह रसेदार भुट्टे की सब्जी वहां के ग्रामीण इलाकों में दोपहर के खाने की जान मानी जाती है. अगर आप भी इस मानसून में कुछ बिल्कुल नया और ठेठ देसी ट्राई करना चाहते हैं तो बघेलखंड की यह रेसिपी आपके लिए एकदम परफेक्ट है जिसका स्वाद जुबान से उतरेगा ही नहीं.
क्या है भुट्टे की भाजी, क्यों इतनी खास?
बघेलखंड की पारंपरिक रसोई में बेहद चाव से खाई जाने वाली भुट्टे की सब्जी का स्वाद और इसकी सुगंध वाकई बेहद अनोखी होती है. स्थानीय निवासी अंजली चतुर्वेदी बताती हैं कि इस पारंपरिक डिश की सबसे बड़ी खासियत इसकी खास बनावट यानी अनोखा टेक्सचर है. इसे बनाने के लिए आधे भुट्टे के दाने साबुत रखे जाते हैं और आधे दानों को दरदरा पीसा जाता है. दरदरा पिसा मक्का जब मसालों के साथ पकता है तो वह ग्रेवी को एक बेहतरीन गाढ़ापन और मखमली स्वाद देता है, जबकि साबुत दाने हर बाइट में एक बढ़िया क्रंच लेकर आते हैं. बारिश के दिनों में खेतों से आने वाले ताजे, मीठे और मुलायम भुट्टों से जब इसे बनाया जाता है तो इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है. इसे अमूमन दोपहर के भोजन में गरमा-गरम चावल या फिर बाजरे की मोटी रोटी के साथ बड़े चाव से खाया जाता है.
भुट्टे की भाजी बनाने के लिए सामग्री
इस बेहतरीन और पारंपरिक रेसिपी को अपनी रसोई में तैयार करने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि घर की रसोई में मौजूद चीजों से ही यह आसानी से बन जाती है. इसके लिए सबसे पहले आपको 3-4 ताजे और बिल्कुल मुलायम मक्के यानी भुट्टे की जरूरत होगी. इसके साथ ही सब्जी को बढ़िया देसी फ्लेवर देने के लिए दो से तीन बड़े चम्मच शुद्ध सरसों का तेल, तड़के के लिए एक छोटा चम्मच जीरा या पंचफोरन, दो बारीक कटे हुए प्याज, दो बारीक कटे हुए टमाटर, एक बड़ा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक-लहसुन का पेस्ट और दो से तीन बारीक कटी हुई हरी मिर्च ले लें. वहीं, सूखे मसालों में आपको हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा सा गरम मसाला, स्वादानुसार नमक और आखिरी में गार्निशिंग के लिए ढेर सारा बारीक कटा हुआ हरा धनिया तैयार रखना होगा.
स्टेप-बाय-स्टेप भाजी बनाने का आसान तरीका
बघेलखंडी स्टाइल में भुट्टे की भाजी बनाने की विधि बेहद सरल है बस आपको इसकी भुनाई पर थोड़ा ध्यान देना होगा. सबसे पहले ताजे और मुलायम भुट्टों को छीलकर उनके सारे दाने निकाल लें और इन दानों को दो बराबर हिस्सों में बांट लें. आधे दानों को साबुत ही एक कटोरी में रख दें और बाकी बचे आधे दानों को मिक्सी में या सिलबट्टे पर बिना पानी डाले दरदरा पीस लें, ध्यान रहे कि इसका बारीक पेस्ट नहीं बनाना है. इसके बाद एक भारी तले की कड़ाही में शुद्ध सरसों का तेल गरम करें और जब तेल से धुआं निकलने लगे तो आंच धीमी करके इसमें जीरा या पंचफोरन का तड़का लगाएं. फिर इसमें बारीक कटा प्याज, कद्दूकस किया अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर पूरे मिश्रण को सुनहरा होने तक अच्छी तरह भूनें.
भुट्टे के दोनों दाने साथ डालें
जब प्याज का मसाला भुन जाए तो इसमें कटे टमाटर और नमक डालें और टमाटर को तब तक पकाएं जब तक वे पूरी तरह गल न जाएं और कड़ाही के किनारों से तेल अलग न होने लगे. इसके बाद इसमें हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा गरम मसाला मिलाकर धीमी आंच पर दो मिनट भूनें. अब इस भुने हुए मसाले में पहले से तैयार साबुत और दरदरे पिसे हुए भुट्टे के दाने डाल दें और इसे धीमी आंच पर कम से कम पांच से सात मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें ताकि मसालों का पूरा फ्लेवर दानों के अंदर तक समा जाए.
कब डालना है पानी जानें…
जब भुट्टा अच्छे से भुन जाए तो इसमें आवश्यकतानुसार पानी डालें, कड़ाही को ढक दें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि इसमें अच्छा उबाल न आ जाए और इसकी तरी गाढ़ी और लजीज न दिखने लगे. आखिर में गैस बंद कर दें और ऊपर से बारीक कटी हरी धनिया पत्ती डालकर सजाएं और लिजिए आपकी गरमा-गरम बघेलखंडी भुट्टे की भाजी परोसने के लिए तैयार है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें