राजस्थान की पारंपरिक रसोई अपने अनोखे स्वाद और सूखे मसालों के लिए जानी जाती है. दरारी की फली (कई जगह इसे सांगरी या सूखी बीन्स भी कहा जाता है) से बनी सब्जी खासतौर पर मरुस्थलीय इलाकों में बहुत पसंद की जाती है. कम पानी में बनने वाली यह सब्जी स्वाद में तीखी, खट्टी‑मीठी और बेहद लाजवाब होती है.
आवश्यक सामग्री
दरारी की सूखी फली – 1 कप
सरसों का तेल – 3 टेबलस्पून
जीरा – 1 छोटा चम्मच
हींग – 1 चुटकी
सूखी लाल मिर्च – 2
हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
अमचूर पाउडर – 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
1. फली को भिगोना
सबसे पहले सूखी दरारी की फली को अच्छी तरह साफ कर लें. इसे रातभर या कम से कम 7–8 घंटे पानी में भिगो दें, ताकि यह नरम हो जाए.
2. उबालना
भीगी हुई फली को 10–15 मिनट तक नमक डालकर उबाल लें. इससे यह अच्छी तरह गल जाएगी और पकाने में आसान होगी. फिर पानी छानकर अलग रख दें.
3. तड़का लगाएं
कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें.जब तेल हल्का धुआं छोड़ने लगे, तो आंच धीमी कर दें और उसमें जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च डालें. सुगंध आने तक भूनें.
4. मसाले तैयार करें
अब हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च डालकर हल्का सा भूनें. ध्यान रखें कि मसाले जलें नहीं, इसलिए आंच धीमी रखें.
5. फली डालकर पकाएं
उबली हुई दरारी की फली इसमें डालें और अच्छे से मसालों में मिलाएं. 8–10 मिनट तक धीमी आंच पर भूनते रहें, ताकि मसाले अच्छी तरह फली में समा जाएं.
6. अंतिम स्वाद
अब इसमें नमक, अमचूर पाउडर और गरम मसाला डालें. अच्छी तरह मिलाकर 2–3 मिनट और पकाएं.
परोसने का तरीका
गरमा‑गरम दरारी की फली की सब्जी को बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी या सादी रोटी के साथ परोसें. ऊपर से थोड़ा घी डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
खास टिप्स
असली राजस्थानी स्वाद के लिए सरसों के तेल का ही इस्तेमाल करें.
यह सब्जी थोड़ी सूखी और मसालेदार ही अच्छी लगती है.
चाहें तो इसमें थोड़ा सा दही मिलाकर खट्टापन बढ़ा सकते हैं.
निष्कर्ष
राजस्थानी स्टाइल की दरारी की फली की सब्जी कम सामग्री में बनी एक पारंपरिक डिश है, जो अपने खट्टे‑तीखे स्वाद और खास खुशबू के लिए जानी जाती है.इसे एक बार जरूर ट्राई करें और घर बैठे राजस्थान के असली स्वाद का आनंद लें.