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Iron Kadhai Cooking Tips: लोहे की कढ़ाई को कुकिंग लिए कुछ बेस्ट ऑप्शन में से एक माना जाता है. लेकिन फिर भी इसमें कुकिंग के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. इसमें से एक सबसे जरूरी बात है, लोहे की कढ़ाई में किन चीजों को नहीं पकाना चाहिए? यदि आप भी कुकिंग के लिए रोजाना आयरन पैन का इस्तेमाल करते हैं, तो इस लेख को आखिरी तक जरूरी पढ़ें.
भारतीय रसोई में लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. यह सिर्फ खाना बनाने का बर्तन नहीं, बल्कि पारंपरिक खानपान का एक अहम हिस्सा मानी जाती है. लोहे की कढ़ाई में बना खाना स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को कुछ मात्रा में आयरन भी प्रदान करता है. यही वजह है कि कई लोग आज भी सब्जी, दाल और अन्य व्यंजन बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करना पसंद करते हैं.
इसके अलावा लोहे की कढ़ाई गर्मी को लंबे समय तक बनाए रखती है, जिससे खाना अच्छी तरह पकता है. हालांकि, हर फूड को इसमें पकाना सही नहीं माना जाता है. कुछ चीजें ऐसी हैं जो लोहे के संपर्क में आने पर अपना स्वाद और गुण दोनों खो देती हैं. इतना ही नहीं, कुछ मामलों में खाना टॉक्सिक भी हो सकता है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि किन खाद्य पदार्थों को लोहे की कढ़ाई में पकाने से बचना चाहिए.
लोहे की कढ़ाई में क्या नहीं पकाना चाहिए?
नींबू
नींबू में प्राकृतिक अम्ल (एसिड) होता है. जब इसे लोहे की कढ़ाई में पकाया जाता है, तो यह लोहे के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है. इससे खाने का स्वाद बदल सकता है और उसमें धातु जैसा स्वाद आ सकता है.
टमाटर
टमाटर भी अम्लीय होता है. टमाटर बेस वाली सब्जी, ग्रेवी या अन्य व्यंजन लोहे की कढ़ाई में बनाने से रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है, जिससे स्वाद प्रभावित हो सकता है.
मछली
मछली की बनावट काफी नाजुक होती है. लोहे की कढ़ाई में इसे पकाने या तलने पर यह तले में चिपक सकती है, जिससे उसका टेक्सचर खराब हो सकता है और मछली टूट भी सकती है.
पास्ता और नूडल्स
पास्ता और नूडल्स में मौजूद आटा कढ़ाई की सतह पर आसानी से चिपक सकता है. इसके कारण न केवल डिश का टेक्सचर खराब होता है, बल्कि उसमें हल्का धातु जैसा स्वाद भी आ सकता है.
मिठाइयां और डेजर्ट
हलवा, चॉकलेट या अन्य मीठे व्यंजन लोहे की कढ़ाई में बनाने से उनका स्वाद बदल सकता है. कई बार मिठाइयों में धातु जैसा फ्लेवर महसूस होने लगता है. इसलिए इन्हें स्टेनलेस स्टील के बर्तन में बनाना बेहतर माना जाता है.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें